Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.56.10-11: कौरव सेना की व्यूहरचना देखकर शत्रुओं को संताप देने वाले सव्यसाची अर्जुन ने धृष्टद्युम्न को साथ लेकर युद्धस्थल में उनका सामना करने के लिए अपनी सेना की अत्यंत भयंकर अर्धचन्द्राकार व्यूह रचना की, जिसके दक्षिणी शिखर पर भीमसेन सुशोभित थे ॥10-11॥   |   mahabharat अध्याय 6.56: तीसरे दिन—कौरव-पाण्डवोंकी व्यूह-रचना तथा युद्धका आरम्भ   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 56: तीसरे दिन—कौरव-पाण्डवोंकी व्यूह-रचना तथा युद्धका आरम्भ  »  श्लोक 10-11
 
 
श्लोक  6.56.10-11 
व्यूढं दृष्ट्वा तु तत् सैन्यं सव्यसाची परंतप:।
धृष्टद्युम्नेन सहित: प्रत्यव्यूहत संयुगे॥ १०॥
अर्धचन्द्रेण व्यूहेन व्यूहं तमतिदारुणम्।
दक्षिणं शृङ्गमास्थाय भीमसेनो व्यरोचत॥ ११॥
 
 
अनुवाद
कौरव सेना की व्यूहरचना देखकर शत्रुओं को संताप देने वाले सव्यसाची अर्जुन ने धृष्टद्युम्न को साथ लेकर युद्धस्थल में उनका सामना करने के लिए अपनी सेना की अत्यंत भयंकर अर्धचन्द्राकार व्यूह रचना की, जिसके दक्षिणी शिखर पर भीमसेन सुशोभित थे ॥10-11॥
 
Seeing the array of the Kaurava army, Savyasachi Arjun, who torments the enemies, took Dhrishtadyumna along with him and formed a very dangerous half-moon shaped array of his army to face them in the battlefield. Bhimsen was adorned on its southern peak. 10-11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)