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mahabharat 6.55.8: तत्पश्चात् आपके पौत्र लक्ष्मण ने हर्ष और उत्साह में भरकर सुभद्राकुमार अभिमन्यु को सामने खड़ा देखकर उन पर आक्रमण किया। तत्पश्चात् उन दोनों में युद्ध आरम्भ हो गया। 8॥   |   mahabharat अध्याय 6.55: अभिमन्यु और अर्जुनका पराक्रम तथा दूसरे दिनके युद्धकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 55: अभिमन्यु और अर्जुनका पराक्रम तथा दूसरे दिनके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  6.55.8 
लक्ष्मणस्तव पौत्रस्तु सौभद्रं समवस्थितम्।
अभ्यवर्तत संहृष्टस्ततो युद्धमवर्तत॥ ८॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् आपके पौत्र लक्ष्मण ने हर्ष और उत्साह में भरकर सुभद्राकुमार अभिमन्यु को सामने खड़ा देखकर उन पर आक्रमण किया। तत्पश्चात् उन दोनों में युद्ध आरम्भ हो गया। 8॥
 
Thereafter, your grandson Lakshmana, seeing Subhadrakumar Abhimanyu standing in front, filled with joy and enthusiasm, attacked him. Then the war started between the two. 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)