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mahabharat 6.55.7: तब अश्वत्थामा ने शीघ्रता से एक बाण से अभिमन्यु को घायल कर दिया। उसके बाद शल्य ने दस बाण मारे और कृपाचार्य ने तीन तीखे बाण मारे।   |   mahabharat अध्याय 6.55: अभिमन्यु और अर्जुनका पराक्रम तथा दूसरे दिनके युद्धकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 55: अभिमन्यु और अर्जुनका पराक्रम तथा दूसरे दिनके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  6.55.7 
आर्जुनिं तु ततस्तूर्णं द्रौणिर्विव्याध पत्रिणा।
शल्योऽथ दशभिश्चैव कृपश्च निशितैस्त्रिभि:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
तब अश्वत्थामा ने शीघ्रता से एक बाण से अभिमन्यु को घायल कर दिया। उसके बाद शल्य ने दस बाण मारे और कृपाचार्य ने तीन तीखे बाण मारे।
 
Then Ashwatthama quickly wounded Abhimanyu with an arrow. After that Shalya shot him with ten arrows and Kripacharya shot him with three sharp arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)