Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.55.40: यहाँ ये भगवान सूर्य सम्पूर्ण जगत् के नेत्रों की ज्योति एकत्रित करते हुए सर्वोच्च पर्वत पर पहुँचे हैं ॥40॥   |   mahabharat अध्याय 6.55: अभिमन्यु और अर्जुनका पराक्रम तथा दूसरे दिनके युद्धकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 55: अभिमन्यु और अर्जुनका पराक्रम तथा दूसरे दिनके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  6.55.40 
एष चास्तं गिरिश्रेष्ठं भानुमान् प्रतिपद्यते।
चक्षूंषि सर्वलोकस्य संहरन्निव सर्वथा॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
यहाँ ये भगवान सूर्य सम्पूर्ण जगत् के नेत्रों की ज्योति एकत्रित करते हुए सर्वोच्च पर्वत पर पहुँचे हैं ॥40॥
 
Here, this Lord Sun has reached the highest mountain setting, gathering the light of the eyes of the entire world. 40॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)