Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.54.97: राजन! उन्हें देखकर महाबली धृष्टद्युम्न के हृदय में हर्ष की सीमा न रही। वे बार-बार गर्जना करने लगे। उन्होंने रणभूमि में शंख बजाया और सिंह के समान गर्जना की॥97॥ | mahabharat अध्याय 6.54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! उन्हें देखकर महाबली धृष्टद्युम्न के हृदय में हर्ष की सीमा न रही। वे बार-बार गर्जना करने लगे। उन्होंने रणभूमि में शंख बजाया और सिंह के समान गर्जना की॥97॥
King! On seeing them, the joy in the heart of the mighty Dhrishtadyumna knew no bounds. He started roaring repeatedly. He blew his conch in the battlefield and roared like a lion.॥97॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥