Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.54.94: इस प्रकार द्रुपदपुत्र धृष्टद्युम्न ने अपनी समस्त सेनाओं को युद्ध के लिए प्रेरित करके अपने श्रेष्ठतम सैनिकों के साथ भीमसेन के पाश्र्व की रक्षा का भार अपने ऊपर ले लिया। | mahabharat अध्याय 6.54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं संनोद्य सर्वाणि स्वान्यनीकानि पार्षत:।
भीमसेनस्य जग्राह पार्ष्णिं सत्पुरुषैर्वृत:॥ ९४॥
अनुवाद
इस प्रकार द्रुपदपुत्र धृष्टद्युम्न ने अपनी समस्त सेनाओं को युद्ध के लिए प्रेरित करके अपने श्रेष्ठतम सैनिकों के साथ भीमसेन के पाश्र्व की रक्षा का भार अपने ऊपर ले लिया।
Thus Dhrishtadyumna, son of Drupada, having inspired all his armies for the battle, along with his best men, undertook the task of protecting Bhimasena's rear.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥