Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.54.90-91: जब कलिंग के समस्त योद्धा अद्भुत भीमसेन से भयभीत होकर समूह बनाकर भागने लगे और फिर लौटने लगे, तब पाण्डव सेनापति द्रुपदपुत्र धृष्टद्युम्न ने अपने समस्त सैनिकों से कहा - 'वीरों! (उत्साहपूर्वक) युद्ध करो॥ 90-91॥ | mahabharat अध्याय 6.54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
त्रासितेषु च सर्वेषु भीमेनाद्भुतकर्मणा।
पुनरावर्तमानेषु विद्रवत्सु च सङ्घश:॥ ९०॥
सर्वकालिङ्गयोधेषु पाण्डूनां ध्वजिनीपति:।
अब्रवीत् स्वान्यनीकानि युध्यध्वमिति पार्षत:॥ ९१॥
अनुवाद
जब कलिंग के समस्त योद्धा अद्भुत भीमसेन से भयभीत होकर समूह बनाकर भागने लगे और फिर लौटने लगे, तब पाण्डव सेनापति द्रुपदपुत्र धृष्टद्युम्न ने अपने समस्त सैनिकों से कहा - 'वीरों! (उत्साहपूर्वक) युद्ध करो॥ 90-91॥
When all the warriors of Kalinga were frightened by the wonderful Bhimasena, and started running away in groups and then returning back, then the Pandava army chief, Drupada's son Dhrishtadyumna said to all his soldiers - 'Heroes! Fight (with enthusiasm)'॥ 90-91॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥