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mahabharat 6.54.85: तत्पश्चात् महाबली भीमसेन ने हाथ में तलवार लेकर अत्यन्त प्रसन्न होकर जोर से शंख बजाया।   |   mahabharat अध्याय 6.54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार  »  श्लोक 85
 
 
श्लोक  6.54.85 
ततो भीमो महाबाहु: खड्गहस्तो महाभुज:।
सम्प्रहृष्टो महाघोषं शङ्खं प्राध्मापयद् बली॥ ८५॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् महाबली भीमसेन ने हाथ में तलवार लेकर अत्यन्त प्रसन्न होकर जोर से शंख बजाया।
 
Thereafter the mighty, powerful Bhimasena, holding the sword in his hand, being extremely happy, blew his conch loudly. 85
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)