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mahabharat 6.54.8-9: तदनन्तर चेदि, मत्स्य और करुष देश के क्षत्रियों ने भीमसेन के पदचिन्हों का अनुसरण करते हुए युद्धस्थल में निषादों और उनके राजाओं पर आक्रमण कर दिया। तदनन्तर दोनों दलों में बड़ा भयंकर युद्ध होने लगा।   |   mahabharat अध्याय 6.54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार  »  श्लोक 8-9
 
 
श्लोक  6.54.8-9 
चेदिमत्स्यकरूषाश्च भीमसेनपदानुगा:॥ ८॥
अभ्यधावन्त समरे निषादान् सह राजभि:।
तत: प्रववृते युद्धं घोररूपं भयावहम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
तदनन्तर चेदि, मत्स्य और करुष देश के क्षत्रियों ने भीमसेन के पदचिन्हों का अनुसरण करते हुए युद्धस्थल में निषादों और उनके राजाओं पर आक्रमण कर दिया। तदनन्तर दोनों दलों में बड़ा भयंकर युद्ध होने लगा।
 
Then the Kshatriyas of Chedi, Matsya and Karusha country, following the footsteps of Bhimasena, attacked the Nishadas and their kings in the battlefield. Then a very fierce and dreadful battle began between the two parties. 8-9.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)