Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.54.73-74: महाराज! महाबली कलिंगराज के उत्तम धनुष से छोड़े गए नौ तीखे बाणों से भीमसेन घायल हो गए, मानो दण्ड से घायल हुआ सर्प अत्यन्त क्रोधित हो गया। | mahabharat अध्याय 6.54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स कार्मुकवरोत्सृष्टैर्नवभिर्निशितै: शरै:॥ ७३॥
समाहतो महाराज कालिङ्गेन महात्मना।
संचुक्रुशे भृशं भीमो दण्डाहत इवोरग:॥ ७४॥
अनुवाद
महाराज! महाबली कलिंगराज के उत्तम धनुष से छोड़े गए नौ तीखे बाणों से भीमसेन घायल हो गए, मानो दण्ड से घायल हुआ सर्प अत्यन्त क्रोधित हो गया।
Maharaj! Bhimasena was wounded by nine sharp arrows shot from the best bow by the great Kalingaraj, like a snake struck by a stick, he became extremely enraged.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥