Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.54.69-70h: कलिंगराज के बाणों से घायल होकर भीमसेन क्रोध से ऐसे जलने लगे, जैसे अंकुश से घायल हाथी जल उठता है, मानो घी की आहुति पाकर अग्नि प्रज्वलित हो गई हो। | mahabharat अध्याय 6.54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कलिंगराज के बाणों से घायल होकर भीमसेन क्रोध से ऐसे जलने लगे, जैसे अंकुश से घायल हाथी जल उठता है, मानो घी की आहुति पाकर अग्नि प्रज्वलित हो गई हो।
Bhimasena, struck by the arrows of the King of Kalinga, burned with rage like an elephant struck by a goad, as if a fire had been ignited after receiving an oblation of ghee. 69 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥