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mahabharat 6.54.67-68h: भरतश्रेष्ठ! कलिंग सेना में सबसे आगे राजा श्रुतायु को देखकर भीमसेन उनका सामना करने के लिए आगे बढ़े ॥67 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 6.54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार  »  श्लोक 67-68h
 
 
श्लोक  6.54.67-68h 
तत: कालिङ्गसैन्यानां प्रमुखे भरतर्षभ॥ ६७॥
श्रुतायुषमभिप्रेक्ष्य भीमसेन: समभ्ययात्।
 
 
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! कलिंग सेना में सबसे आगे राजा श्रुतायु को देखकर भीमसेन उनका सामना करने के लिए आगे बढ़े ॥67 1/2॥
 
Bharatshrestha! Seeing King Shrutayu in the forefront of the Kalinga army, Bhimsen moved forward to face him. 67 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)