Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.54.63-64h: वह बार-बार उछलता, सब दिशाओं में दौड़ता और युद्धभूमि में विचित्र युद्ध-नीति दिखाता फिरता था। महाबली भीमसेन का यह पराक्रम देखकर लोग चकित हो जाते थे। | mahabharat अध्याय 6.54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह बार-बार उछलता, सब दिशाओं में दौड़ता और युद्धभूमि में विचित्र युद्ध-नीति दिखाता फिरता था। महाबली भीमसेन का यह पराक्रम देखकर लोग चकित हो जाते थे।
He would jump again and again, run in all directions and roam around the battlefield demonstrating strange war tactics. People were amazed to see this valour of the illustrious Bhimasena. 63 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥