Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.54.59-61h: उस महायुद्ध में घोड़ों की लगाम, जूए, सोने से मढ़ी हुई चमकती हुई रस्सियाँ, जीन, भाले, बहुमूल्य अस्त्र-शस्त्र, कवच, ढालें और नाना प्रकार के विचित्र बिछौने इधर-उधर बिखरे हुए दिखाई दे रहे थे। | mahabharat अध्याय 6.54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस महायुद्ध में घोड़ों की लगाम, जूए, सोने से मढ़ी हुई चमकती हुई रस्सियाँ, जीन, भाले, बहुमूल्य अस्त्र-शस्त्र, कवच, ढालें और नाना प्रकार के विचित्र बिछौने इधर-उधर बिखरे हुए दिखाई दे रहे थे।
In that great battle, horses' reins, yokes, shining ropes decorated with gold, saddles, spears, precious weapons, armour, shields and various kinds of strange beddings were seen scattered here and there. 59-60 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥