Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.54.52-53h: हे भरतपुत्र! कुछ हाथियों के दाँत और सूंड के अगले भाग कट गए, उनके माथे फट गए और उनके सवार मारे गए। उस अवस्था में वे इधर-उधर भागते रहे और अपनी ही सेनाओं को कुचलते रहे और अन्त में बड़े जोर से चिंघाड़ते हुए पृथ्वी पर गिर पड़े और मर गए।   |   mahabharat अध्याय 6.54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार  »  श्लोक 52-53h
 
 
श्लोक  6.54.52-53h 
छिन्नदन्ताग्रहस्ताश्च भिन्नकुम्भास्तथा परे।
वियोधा: स्वान्यनीकानि जघ्नुर्भारत वारणा:॥ ५२॥
निपेतुरुर्व्यां च तथा विनदन्तो महारवान्।
 
 
अनुवाद
हे भरतपुत्र! कुछ हाथियों के दाँत और सूंड के अगले भाग कट गए, उनके माथे फट गए और उनके सवार मारे गए। उस अवस्था में वे इधर-उधर भागते रहे और अपनी ही सेनाओं को कुचलते रहे और अन्त में बड़े जोर से चिंघाड़ते हुए पृथ्वी पर गिर पड़े और मर गए।
 
O son of Bharata! The teeth and the front parts of the trunks of some elephants were cut off, their foreheads were torn and their riders were killed. In that condition, they ran here and there and crushed their own armies and finally, trumpeting loudly, they fell on the earth and died. 52 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)