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श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार  »  श्लोक 49-50
 
 
श्लोक  6.54.49-50 
भीमसेनश्चरन् मार्गान् सुबहून् प्रत्यदृश्यत॥ ४९॥
भ्रान्तमाविद्धमुद्‍भ्रान्तमाप्लुतं प्रसृतं प्लुतम्।
सम्पातं समुदीर्णं च दर्शयामास पाण्डव:॥ ५०॥
 
 
अनुवाद
उस समय पाण्डु नन्दन भीमसेन अनेक मार्गों पर विचरण करते हुए दिखाई दिए। उन्होंने भ्रांत, अविध, उद्भ्रांत, अप्लुत, प्रसृत, प्लुत, सम्पत और समुद्रिर्ण आदि अनेक तलवारबाजी के करतब दिखाए।*॥49-50॥
 
At that time Pandu Nandan Bhimsen was seen wandering on many roads. He showed many maneuvers of sword fighting like bhrant, avidh, udbhrant, apluta, prasrit, plut, sampat and samudirna etc.*॥ 49-50॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)