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mahabharat 6.54.48-49h: शत्रुओं का संहार करने वाले पराक्रमी भीमसेन युद्ध में रथियों के रथ के दण्ड और जूए काटकर उन्हें मार डालते थे। ॥48 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 6.54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार  »  श्लोक 48-49h
 
 
श्लोक  6.54.48-49h 
निकृत्य रथिनां चाजौ रथेषाश्च युगानि च॥ ४८॥
जघान रथिनश्चापि बलवान् रिपुमर्दन:।
 
 
अनुवाद
शत्रुओं का संहार करने वाले पराक्रमी भीमसेन युद्ध में रथियों के रथ के दण्ड और जूए काटकर उन्हें मार डालते थे। ॥48 1/2॥
 
The powerful Bhima, the slayer of enemies, would kill the charioteers in battle by cutting off their chariot staffs and yokes. ॥ 48 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)