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स चचार बहून् मार्गानभित: पातयन् गजान्।
अग्निचक्रमिवाविद्धं सर्वत: प्रत्यदृश्यत॥ ४३॥
अनुवाद
फिर वे दोनों दिशाओं में घूमते हुए तथा हाथियों को गिराते हुए नाना मार्गों से चलने लगे। उस समय वे चक्र के समान सर्वत्र दिखाई देने लगे। 43।
Then moving in both directions and making the elephants fall, they started moving in various routes. At that time, they were visible everywhere like a spinning wheel. 43.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥