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mahabharat 6.54.41: हाथियों का राजा कन्धा कट जाने पर भी चिंघाड़ता हुआ नीचे गिर पड़ा, मानो समुद्र के वेग से चोटियाँ टूट गई हों ॥ 41॥   |   mahabharat अध्याय 6.54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  6.54.41 
छिन्नस्कन्ध: स विनदन् पपात गजयूथप:।
आरुग्ण: सिन्धुवेगेन सानुमानिव पर्वत:॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
हाथियों का राजा कन्धा कट जाने पर भी चिंघाड़ता हुआ नीचे गिर पड़ा, मानो समुद्र के वेग से चोटियाँ टूट गई हों ॥ 41॥
 
With his shoulder cut off, the king of the elephants, trumpeting, fell down like a mountain with its peaks broken by the force of the ocean. ॥ 41॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)