Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.54.4-5: भरत! रथों, घोड़ों, हाथियों और पैदलों से भरी हुई, हाथों में बड़े-बड़े अस्त्र-शस्त्र लिए हुए उस विशाल कलिंग सेना को देखकर भीमसेन ने चेदि सैनिकों सहित बाणों से उन्हें पीड़ा पहुँचानी आरम्भ कर दी। साथ ही उन्होंने युद्ध के लिए आ रहे निषादराज के पुत्र केतुमान को भी घायल कर दिया। | mahabharat अध्याय 6.54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तामापतन्तीं महतीं कलिङ्गानां महाचमूम्।
रथाश्वनागकलिलां प्रगृहीतमहायुधाम्॥ ४॥
भीमसेन: कलिङ्गानामार्च्छद् भारत वाहिनीम्।
केतुमन्तं च नैषादिमायान्तं सह चेदिभि:॥ ५॥
अनुवाद
भरत! रथों, घोड़ों, हाथियों और पैदलों से भरी हुई, हाथों में बड़े-बड़े अस्त्र-शस्त्र लिए हुए उस विशाल कलिंग सेना को देखकर भीमसेन ने चेदि सैनिकों सहित बाणों से उन्हें पीड़ा पहुँचानी आरम्भ कर दी। साथ ही उन्होंने युद्ध के लिए आ रहे निषादराज के पुत्र केतुमान को भी घायल कर दिया।
Bharata! Seeing that huge army of Kalingas, full of chariots, horses, elephants and infantry, carrying big weapons in their hands, Bhimasena, along with the Chedi soldiers, started tormenting them with arrows. Along with that, he also injured Ketuman, son of Nishadraj, who was coming for the battle.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥