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mahabharat 6.54.21-22h: शत्रुदमन भीमसेन को रथहीन देखकर शक्रदेव तीखे बाणों की वर्षा करते हुए उनकी ओर दौड़े।   |   mahabharat अध्याय 6.54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार  »  श्लोक 21-22h
 
 
श्लोक  6.54.21-22h 
तं दृष्ट्वा विरथं तत्र भीमसेनमरिंदमम्॥ २१॥
शक्रदेवोऽभिदुद्राव शरैरवकिरन् शितै:।
 
 
अनुवाद
शत्रुदमन भीमसेन को रथहीन देखकर शक्रदेव तीखे बाणों की वर्षा करते हुए उनकी ओर दौड़े।
 
Seeing Shatrudaman Bhimasena without a chariot there, Śakradev ran towards him showering sharp arrows. 21/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)