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mahabharat 6.54.18-19h: उन्होंने कलिंग की सेना पर अपने तीखे बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी। महाधनुर्धर कलिंगराज और उनके महारथी पुत्र शक्रदेव ने मिलकर पाण्डवपुत्र भीमसेन पर बाणों से प्रहार करना आरम्भ कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 6.54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार  »  श्लोक 18-19h
 
 
श्लोक  6.54.18-19h 
शितैरवाकिरद् बाणै: कलिङ्गानां वरूथिनीम्।
कालिङ्गस्तु महेष्वास: पुत्रश्चास्य महारथ:॥ १८॥
शक्रदेव इति ख्यातो जघ्नतु: पाण्डवं शरै:।
 
 
अनुवाद
उन्होंने कलिंग की सेना पर अपने तीखे बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी। महाधनुर्धर कलिंगराज और उनके महारथी पुत्र शक्रदेव ने मिलकर पाण्डवपुत्र भीमसेन पर बाणों से प्रहार करना आरम्भ कर दिया।
 
He started showering his sharp arrows on the army of Kalingas. The great archer Kalingaraj and his great warrior son Shakradeva together started attacking Pandava's son Bhimasena with arrows. 18 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)