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mahabharat 6.54.120: उस समय महाबली यदुकुलसिंह सात्यकि ने धृष्टद्युम्न के सामने भीमसेन का हर्ष बढ़ाते हुए उनसे इस प्रकार कहा- 120॥   |   mahabharat अध्याय 6.54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार  »  श्लोक 120
 
 
श्लोक  6.54.120 
अथाब्रवीद् भीमसेनं सात्यकि: सत्यविक्रम:।
प्रहर्षयन् यदुव्याघ्रो धृष्टद्युम्नस्य पश्यत:॥ १२०॥
 
 
अनुवाद
उस समय महाबली यदुकुलसिंह सात्यकि ने धृष्टद्युम्न के सामने भीमसेन का हर्ष बढ़ाते हुए उनसे इस प्रकार कहा- 120॥
 
At that time, the mighty Yadukul Singh Satyaki, while increasing the joy of Bhimsen in front of Dhrishtadyumna, said to him thus - 120॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)