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mahabharat 6.54.115: जब उनके सारथी भीष्म, जो रथियों में श्रेष्ठ थे, मारे गए, तो उनके घोड़े वायु के समान दौड़कर उन्हें युद्धभूमि से भगा गए। 115   |   mahabharat अध्याय 6.54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार  »  श्लोक 115
 
 
श्लोक  6.54.115 
भीष्मस्तु निहते तस्मिन् सारथौ रथिनां वर:।
वातायमानैस्तैरश्वैरपनीतो रणाजिरात्॥ ११५॥
 
 
अनुवाद
जब उनके सारथी भीष्म, जो रथियों में श्रेष्ठ थे, मारे गए, तो उनके घोड़े वायु के समान दौड़कर उन्हें युद्धभूमि से भगा गए। 115
 
When his charioteer Bhishma, the best of charioteers, was killed, he was driven out of the battlefield by his horses running like the wind. 115
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)