Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.54.113: हे पुरुषश्रेष्ठ! तब बलवान भीमसेन हाथ में पूर्णतया लौह (इस्पात) से बनी हुई एक भारी गदा लेकर तुरन्त रथ से कूद पड़े।   |   mahabharat अध्याय 6.54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार  »  श्लोक 113
 
 
श्लोक  6.54.113 
तत: शैक्यायसीं गुर्वीं प्रगृह्य बलवान् गदाम्।
भीमसेनस्ततस्तूर्णं पुप्लुवे मनुजर्षभ॥ ११३॥
 
 
अनुवाद
हे पुरुषश्रेष्ठ! तब बलवान भीमसेन हाथ में पूर्णतया लौह (इस्पात) से बनी हुई एक भारी गदा लेकर तुरन्त रथ से कूद पड़े।
 
O best of men! Then the powerful Bhimasena immediately jumped from the chariot, taking in his hand a heavy mace made entirely of the essence of iron (steel).
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)