Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.54.112: वह शक्ति अभी निकट भी नहीं पहुँची थी कि तुम्हारे पितातुल्य भीष्म ने युद्धभूमि में उसके तीन टुकड़े कर दिए और वह भूमि पर बिखर गई।   |   mahabharat अध्याय 6.54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार  »  श्लोक 112
 
 
श्लोक  6.54.112 
अप्राप्तामथ तां शक्तिं पिता देवव्रतस्तव।
त्रिधा चिच्छेद समरे सा पृथिव्यामशीर्यत॥ ११२॥
 
 
अनुवाद
वह शक्ति अभी निकट भी नहीं पहुँची थी कि तुम्हारे पितातुल्य भीष्म ने युद्धभूमि में उसके तीन टुकड़े कर दिए और वह भूमि पर बिखर गई।
 
That power had not yet reached near when your father-like Bhishma broke it into three parts on the battlefield and it scattered on the ground.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)