Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.54.107: सात्यकि, भीमसेन तथा द्रुपदपुत्र धृष्टद्युम्न ने एक साथ भीष्म के उस स्वर्णमय रथ पर आक्रमण कर दिया। 107॥   |   mahabharat अध्याय 6.54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार  »  श्लोक 107
 
 
श्लोक  6.54.107 
तं सात्यकिर्भीमसेनो धृष्टद्युम्नश्च पार्षत:।
अभ्यद्रवन्त भीष्मस्य रथं हेमपरिष्कृतम्॥ १०७॥
 
 
अनुवाद
सात्यकि, भीमसेन तथा द्रुपदपुत्र धृष्टद्युम्न ने एक साथ भीष्म के उस स्वर्णमय रथ पर आक्रमण कर दिया। 107॥
 
Satyaki, Bhimsen and Drupada's son Dhrishtadyumna simultaneously attacked that golden chariot of Bhishma. 107॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)