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mahabharat 6.54.106: तत्पश्चात् युद्धभूमि में कोलाहल सुनकर शान्तनुपुत्र भीष्म ने तुरन्त ही अपनी सेना को सब ओर से व्यूहबद्ध करके भीमसेन के पास आये।   |   mahabharat अध्याय 6.54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 54: भीमसेनका कलिंगों और निषादोंसे युद्ध, भीमसेनके द्वारा शक्रदेव, भानुमान् और केतुमान‍्का वध तथा उनके बहुत-से सैनिकोंका संहार  »  श्लोक 106
 
 
श्लोक  6.54.106 
तत: शान्तनवो भीष्म: श्रुत्वा तं निनदं रणे।
अभ्ययात् त्वरितो भीमं व्यूढानीक: समन्तत:॥ १०६॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् युद्धभूमि में कोलाहल सुनकर शान्तनुपुत्र भीष्म ने तुरन्त ही अपनी सेना को सब ओर से व्यूहबद्ध करके भीमसेन के पास आये।
 
Thereafter, hearing the uproar in the battlefield, Shantanu's son Bhishma immediately arranged his army in array from all sides and came to Bhimasena.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)