श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 53: धृष्टद्युम्न तथा द्रोणाचार्यका युद्ध  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  6.53.4 
संजय उवाच
शृणु राजन् स्थिरो भूत्वा युद्धमेतत् सुदारुणम्।
न शक्या: पाण्डवा जेतुं देवैरपि सवासवै:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
संजय ने कहा- राजन! इन्द्र सहित समस्त देवता भी पाण्डवों को परास्त नहीं कर सके। अब आप इस अत्यन्त भयानक युद्ध का वृत्तान्त चुपचाप सुनिए।
 
Sanjay said- Rajan! Even all the gods including Indra could not defeat the Pandavas. Now you listen to the story of this very terrible war quietly. 4॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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