Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.53.3: संजय! यदि भीष्म युद्धभूमि में क्रोधित हो जाएँ, तो वे प्राणियों सहित सम्पूर्ण जगत का संहार कर सकते हैं। फिर वे युद्ध में पाण्डुकुमार अर्जुन को अपने पराक्रम से क्यों नहीं जीत सके? | mahabharat अध्याय 6.53: धृष्टद्युम्न तथा द्रोणाचार्यका युद्ध । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्मो हि समरे क्रुद्धो हन्याल्लोकांश्चराचरान्।
स कथं पाण्डवं युद्धे नातरत् संजयौजसा॥ ३॥
अनुवाद
संजय! यदि भीष्म युद्धभूमि में क्रोधित हो जाएँ, तो वे प्राणियों सहित सम्पूर्ण जगत का संहार कर सकते हैं। फिर वे युद्ध में पाण्डुकुमार अर्जुन को अपने पराक्रम से क्यों नहीं जीत सके?
Sanjay! If Bhishma becomes angry in the battlefield, he can kill the entire world including living creatures. Then why could he not overcome Pandukumar Arjuna in the battle with his might? 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥