श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 53: धृष्टद्युम्न तथा द्रोणाचार्यका युद्ध  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  6.53.18 
सच्छिन्नधन्वा समरे गदां गुर्वीं महायशा:।
द्रोणाय प्रेषयामास गिरिसारमयीं बली॥ १८॥
 
 
अनुवाद
धनुष कट जाने पर महायशस्वी महारथी धृष्टद्युम्न ने युद्धस्थल में द्रोणाचार्य पर लोहे की बनी हुई भारी गदा का प्रयोग किया ॥18॥
 
After his bow was cut off, Dhrishtadyumna, the mighty warrior of great renown, used a heavy mace made of iron on Dronacharya in the battlefield. 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)