Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.52.12-13: तब पुरुषोत्तम अर्जुन ने महारथी भीष्म को देखकर भगवान श्रीकृष्ण पर क्रोधित होकर कहा - 'हे वार्ष्णेय! जहाँ पितामह भीष्म हैं, वहाँ चले जाइए। अन्यथा अत्यन्त क्रोध में भरे हुए ये भीष्म मेरी सम्पूर्ण सेना का अवश्य ही विनाश कर देंगे; क्योंकि इस समय वे दुर्योधन के कल्याण के लिए तत्पर हैं।' 12-13॥ | mahabharat अध्याय 6.52: भीष्म और अर्जुनका युद्ध । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब पुरुषोत्तम अर्जुन ने महारथी भीष्म को देखकर भगवान श्रीकृष्ण पर क्रोधित होकर कहा - 'हे वार्ष्णेय! जहाँ पितामह भीष्म हैं, वहाँ चले जाइए। अन्यथा अत्यन्त क्रोध में भरे हुए ये भीष्म मेरी सम्पूर्ण सेना का अवश्य ही विनाश कर देंगे; क्योंकि इस समय वे दुर्योधन के कल्याण के लिए तत्पर हैं।' 12-13॥
Then Arjun, the best of men, seeing the great warrior Bhishma, got angry with Lord Krishna and said - 'O Varshneya! Go where grandfather Bhishma is. Otherwise this Bhishma, filled with extreme anger, will surely destroy my entire army; Because at this time they are ready for the welfare of Duryodhana. 12-13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥