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श्लोक 6.52.10  |
अभिद्यत ततो व्यूहस्तस्मिन् वीरसमागमे।
सर्वेषामेव सैन्यानामासीद् व्यतिकरो महान्॥ १०॥ |
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| अनुवाद |
| वीरों के इस संग्राम में सेनाओं की व्यूहरचना टूट गई और समस्त सैनिकों में महान् संधान हो गया॥10॥ |
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| In this struggle between the heroes, the formation of the armies was broken and there was a great mixing of all the soldiers.॥10॥ |
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