श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 52: भीष्म और अर्जुनका युद्ध  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  6.52.1 
धृतराष्ट्र उवाच
एवं व्यूढेष्वनीकेषु मामकेष्वितरेषु च।
कथं प्रहरतां श्रेष्ठा: सम्प्रहारं प्रचक्रिरे॥ १॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र ने पूछा - संजय! मेरी और पाण्डवों की सेना के इस प्रकार व्यूह रचना करने के बाद उन महारथियों ने युद्ध का आरम्भ किस प्रकार किया?॥1॥
 
Dhritarashtra asked - Sanjay! After my and the Pandava's army had formed their battle formations in this manner, how did those great warriors begin the battle?॥ 1॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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