Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.51.6-9: भीष्म पितामह द्वारा रक्षित हमारी सेना सब प्रकार से अजेय है, परंतु भीमसेन द्वारा रक्षित पाण्डवों की यह सेना सरलता से पराजित होने वाली है; अतः मेरी राय है कि संस्थन, शूरसेन, वेत्रिक, कुकुर, अरोचक, त्रिगर्त, मद्रक और यवन आदि देशों के लोग शत्रुंजय, दु:शासन, वीर विकर्ण, नन्द, उपनन्द, चित्रसेन और परिभद्रक आदि वीर योद्धाओं के साथ चलें और अपनी सेना को आगे रखकर भीष्म की रक्षा करें।॥6-9॥   |   mahabharat अध्याय 6.51: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना तथा दोनों दलोंमें शंखध्वनि और सिंहनाद   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 51: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना तथा दोनों दलोंमें शंखध्वनि और सिंहनाद  »  श्लोक 6-9
 
 
श्लोक  6.51.6-9 
अपर्याप्तं तदस्माकं बलं भीष्माभिरक्षितम्।
पर्याप्तमिदमेतेषां बलं भीमाभिरक्षितम्॥ ६॥
संस्थाना: शूरसेनाश्च वेत्रिका: कुकुरास्तथा।
आरोचकास्त्रिगर्ताश्च मद्रका यवनास्तथा॥ ७॥
शत्रुंजयेन सहितास्तथा दु:शासनेन च।
विकर्णेन च वीरेण तथा नन्दोपनन्दकै:॥ ८॥
चित्रसेनेन सहिता: सहिता: पारिभद्रकै:।
भीष्ममेवाभिरक्षन्तु सहसैन्यपुरस्कृता:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
भीष्म पितामह द्वारा रक्षित हमारी सेना सब प्रकार से अजेय है, परंतु भीमसेन द्वारा रक्षित पाण्डवों की यह सेना सरलता से पराजित होने वाली है; अतः मेरी राय है कि संस्थन, शूरसेन, वेत्रिक, कुकुर, अरोचक, त्रिगर्त, मद्रक और यवन आदि देशों के लोग शत्रुंजय, दु:शासन, वीर विकर्ण, नन्द, उपनन्द, चित्रसेन और परिभद्रक आदि वीर योद्धाओं के साथ चलें और अपनी सेना को आगे रखकर भीष्म की रक्षा करें।॥6-9॥
 
Our army protected by Bhishma Pitamah is invincible in every way, but this army of the Pandavas protected by Bhimasena is easy to defeat; therefore it is my opinion that the people of the countries like Sansthan, Shurasena, Vetrik, Kukura, Arochaka, Trigarta, Madrak and Yavan should go along with the brave warriors Shatrunjaya, Dushasan, Veer Vikarna, Nanda, Upananda, Chitrasena and Paribhadrak and should protect Bhishma by keeping their army in front.'॥ 6-9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)