Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.51.23: तत्पश्चात् शंख, तुरही, पंवा, आनक आदि नाना प्रकार के बाजे अचानक बजने लगे और उनकी सम्मिलित ध्वनि सर्वत्र गूंजने लगी॥ 23॥ | mahabharat अध्याय 6.51: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना तथा दोनों दलोंमें शंखध्वनि और सिंहनाद । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत: शङ्खाश्च भेर्यश्च पणवा विविधा: परे।
आनकाश्चाभ्यहन्यन्त स शब्दस्तुमुलोऽभवत्॥ २३॥
अनुवाद
तत्पश्चात् शंख, तुरही, पंवा, आनक आदि नाना प्रकार के बाजे अचानक बजने लगे और उनकी सम्मिलित ध्वनि सर्वत्र गूंजने लगी॥ 23॥
Thereafter the conch, the trumpets, various kinds of instruments like the Panva and the Anaka etc. suddenly started playing and their combined sound reverberated everywhere.॥ 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥