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mahabharat 6.51.20: केतुमान, वसुदान, काशिराज के पुत्र अभिभु तथा अन्य अनेक देशों के राजा सेना के संरक्षक थे ॥20॥   |   mahabharat अध्याय 6.51: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना तथा दोनों दलोंमें शंखध्वनि और सिंहनाद   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 51: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना तथा दोनों दलोंमें शंखध्वनि और सिंहनाद  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  6.51.20 
पृष्ठगोपास्तु तस्यासन् नानादेश्या जनेश्वरा:।
केतुमान‍् वसुदानश्च पुत्र: काश्यस्य चाभिभू:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
केतुमान, वसुदान, काशिराज के पुत्र अभिभु तथा अन्य अनेक देशों के राजा सेना के संरक्षक थे ॥20॥
 
Ketuman, Vasudan, Kashiraj's son Abhibhu and kings of many other countries were the patrons of the army. 20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)