Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.50.46-48h: राजन! राजा द्रुपद अपनी विशाल सेना के साथ उस सेना के प्रमुख थे। नेत्र के स्थान पर कुन्तिभोज और धृष्टकेतु - ये दो राजा स्थापित थे। भरतश्रेष्ठ! दशार्णक के साथ-साथ दशार्नक समूह, प्रभद्रक, अनूपक और किरात समूह गर्दन क्षेत्र में खड़े किए गए थे। 46-47 1/2॥ | mahabharat अध्याय 6.50: युधिष्ठिरकी चिन्ता, भगवान् श्रीकृष्णद्वारा आश्वासन, धृष्टद्युम्नका उत्साह तथा द्वितीय दिनके युद्धके लिये क्रौंचारुणव्यूहका निर्माण । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! राजा द्रुपद अपनी विशाल सेना के साथ उस सेना के प्रमुख थे। नेत्र के स्थान पर कुन्तिभोज और धृष्टकेतु - ये दो राजा स्थापित थे। भरतश्रेष्ठ! दशार्णक के साथ-साथ दशार्नक समूह, प्रभद्रक, अनूपक और किरात समूह गर्दन क्षेत्र में खड़े किए गए थे। 46-47 1/2॥
Rajan! King Drupada was at the head of that army with his huge army. Kuntibhoja and Dhrishtaketu – these two kings were established in place of Netra. Bharatshrestha! Along with Dasharnak, Dasherak groups, Prabhadraka, Anupaka and Kirata groups were made to stand in the neck area. 46-47 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥