श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 50: युधिष्ठिरकी चिन्ता, भगवान‍् श्रीकृष्णद्वारा आश्वासन, धृष्टद्युम्नका उत्साह तथा द्वितीय दिनके युद्धके लिये क्रौंचारुणव्यूहका निर्माण  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  6.50.15 
रथान् मे बहुसाहस्रान् दिव्यैरस्त्रैर्महाबल:।
घातयत्यनिशं भीष्म: प्रवराणां प्रहारिणाम्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
महाबली भीष्म अपने दिव्यास्त्रों द्वारा मेरे पक्ष के हजारों श्रेष्ठ एवं कुशल महारथियों को निरन्तर मार रहे हैं॥15॥
 
‘The mighty Bhishma is continuously killing thousands of the best and skilled charioteers of my side with his divine weapons.॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)