श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 5: पंचमहाभूतों तथा सुदर्शनद्वीपका संक्षिप्त वर्णन  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  6.5.2 
प्रमाणं च प्रमाणज्ञ पृथिव्या मम सर्वत:।
निखिलेन समाचक्ष्व काननानि च संजय॥ २॥
 
 
अनुवाद
हे सांख्यशास्त्र के ज्ञाता संजय, कृपया मुझे सम्पूर्ण पृथ्वी का सम्पूर्ण माप बताइए। यहाँ के वनों का भी वर्णन कीजिए।॥2॥
 
O Sanjaya, the expert in statistics, please tell me the complete measurements of the entire earth. Also describe the forests here.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)