Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.49.41: तत्पश्चात् भीष्म के रथसे पंखयुक्त बाण पक्षियोंके समान वेगपूर्वक उड़ने लगे और पृथ्वी तथा आकाशको ढकने लगे ॥ 41॥   |   mahabharat अध्याय 6.49: शंखका युद्ध, भीष्मका प्रचण्ड पराक्रम तथा प्रथम दिनके युद्धकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 49: शंखका युद्ध, भीष्मका प्रचण्ड पराक्रम तथा प्रथम दिनके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  6.49.41 
ततो भीष्मरथात् तूर्णमुत्पतन्ति पतत्त्रिण:।
यैरन्तरिक्षं भूमिश्च सर्वत: समवस्तृता॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् भीष्म के रथसे पंखयुक्त बाण पक्षियोंके समान वेगपूर्वक उड़ने लगे और पृथ्वी तथा आकाशको ढकने लगे ॥ 41॥
 
Thereafter, from Bhiṣma's chariot, feathered arrows began flying rapidly like birds and covered the earth and the sky. ॥ 41॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)