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mahabharat 6.49.40: जब घोड़ा मारा गया तो शंख तुरंत तलवार हाथ में लेकर रथ से कूद पड़ा और अर्जुन के रथ पर चढ़ गया और फिर से राहत की सांस ली।   |   mahabharat अध्याय 6.49: शंखका युद्ध, भीष्मका प्रचण्ड पराक्रम तथा प्रथम दिनके युद्धकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 49: शंखका युद्ध, भीष्मका प्रचण्ड पराक्रम तथा प्रथम दिनके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  6.49.40 
स हताश्वाद् रथात् तूर्णं खड्गमादाय विद्रुत:।
बीभत्सोश्च रथं प्राप्य पुन: शान्तिमविन्दत॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
जब घोड़ा मारा गया तो शंख तुरंत तलवार हाथ में लेकर रथ से कूद पड़ा और अर्जुन के रथ पर चढ़ गया और फिर से राहत की सांस ली।
 
When the horse was killed, Sankha immediately jumped from the chariot with his sword in his hand and boarded Arjuna's chariot and breathed a sigh of relief again.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)