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श्लोक  6.49.32 
नानाधातुविचित्राणि कार्मुकाणि महात्मनाम्।
विस्फारितान्यदृश्यन्त तोयदेष्विव विद्युत:॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
इन महान योद्धाओं द्वारा उठाए गए विभिन्न आकार और रंग के धनुष बादलों में चमकती बिजली की तरह प्रतीत हो रहे थे।
 
The various bows of various shapes and colors held out by these great warriors appeared like lightning in the clouds.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)