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mahabharat 6.49.13-14h: संजय! मेरा मानना ​​है कि दुर्योधन पर महान विपत्ति आने वाली है। श्वेत की मृत्यु और भीष्म की विजय से अत्यन्त क्रोध में भरे हुए श्रीकृष्ण सहित अर्जुन ने युद्धभूमि में क्या किया?॥13 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 6.49: शंखका युद्ध, भीष्मका प्रचण्ड पराक्रम तथा प्रथम दिनके युद्धकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 49: शंखका युद्ध, भीष्मका प्रचण्ड पराक्रम तथा प्रथम दिनके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 13-14h
 
 
श्लोक  6.49.13-14h 
तस्याहं व्यसनं घोरं मन्ये प्राप्तं तु संजय।
श्वेतस्य च विनाशेन भीष्मस्य विजयेन च॥ १३॥
संक्रुद्ध: कृष्णसहित: पार्थ: किमकरोद् युधि।
 
 
अनुवाद
संजय! मेरा मानना ​​है कि दुर्योधन पर महान विपत्ति आने वाली है। श्वेत की मृत्यु और भीष्म की विजय से अत्यन्त क्रोध में भरे हुए श्रीकृष्ण सहित अर्जुन ने युद्धभूमि में क्या किया?॥13 1/2॥
 
Sanjay! I believe that Duryodhan is going to face a great calamity. What did Arjuna, along with Shri Krishna, who was filled with great anger after Shwet's death and Bhishma's victory, do on the battlefield?॥13 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)