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mahabharat 6.48.91-92h: महाबली भीष्म ने जब यह अनुभव किया कि उनकी गति अपरिहार्य है, तो वे उस प्रहार से बचने के लिए सहसा पृथ्वी पर कूद पड़े।   |   mahabharat अध्याय 6.48: श्वेतका महाभयंकर पराक्रम और भीष्मके द्वारा उसका वध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 48: श्वेतका महाभयंकर पराक्रम और भीष्मके द्वारा उसका वध  »  श्लोक 91-92h
 
 
श्लोक  6.48.91-92h 
तस्य वेगमसंवार्यं मत्वा भीष्म: प्रतापवान्॥ ९१॥
प्रहारविप्रमोक्षार्थं सहसा धरणीं गत:।
 
 
अनुवाद
महाबली भीष्म ने जब यह अनुभव किया कि उनकी गति अपरिहार्य है, तो वे उस प्रहार से बचने के लिए सहसा पृथ्वी पर कूद पड़े।
 
The mighty Bhishma, realising his speed was inevitable, suddenly jumped on the earth to save himself from the blow. 91 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)