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mahabharat 6.48.66-67h: जैसे सिंह हाथियों के समूह को आगे बढ़ने से रोक देता है, उसी प्रकार श्वेत ने उन समस्त महारथियों को रोककर बाणों की भारी वर्षा से भीष्म का धनुष काट डाला।   |   mahabharat अध्याय 6.48: श्वेतका महाभयंकर पराक्रम और भीष्मके द्वारा उसका वध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 48: श्वेतका महाभयंकर पराक्रम और भीष्मके द्वारा उसका वध  »  श्लोक 66-67h
 
 
श्लोक  6.48.66-67h 
स निवार्य तु तान् सर्वान् केसरी कुञ्जरानिव॥ ६६॥
महता शरवर्षेण भीष्मस्य धनुराच्छिनत्।
 
 
अनुवाद
जैसे सिंह हाथियों के समूह को आगे बढ़ने से रोक देता है, उसी प्रकार श्वेत ने उन समस्त महारथियों को रोककर बाणों की भारी वर्षा से भीष्म का धनुष काट डाला।
 
Just as a lion stops a herd of elephants from advancing, similarly, having stopped all those great warriors, Shweta cut off Bhishma's bow with a heavy shower of arrows. 66 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)