श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 48: श्वेतका महाभयंकर पराक्रम और भीष्मके द्वारा उसका वध  »  श्लोक 62-63h
 
 
श्लोक  6.48.62-63h 
राज्ञस्तु वचनं श्रुत्वा त्वरमाणा महारथा:॥ ६२॥
बलेन चतुरङ्गेण गाङ्गेयमन्वपालयन्।
 
 
अनुवाद
राजा दुर्योधन के ये वचन सुनकर सभी महारथी योद्धा बड़ी उतावली के साथ वहाँ आये और चतुरंगिणी सेना की सहायता से गंगानन्दन भीष्म की रक्षा करने लगे।
 
On hearing these words of King Duryodhana, all the mighty warriors came there in great haste and began to protect Ganganandan Bhishma with the help of the four-division army. 62 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)