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mahabharat 6.48.60-62h: तब दुर्योधन ने क्रोधित होकर अपनी सेना को आदेश दिया- 'वीरों! सावधान रहो और भीष्म को चारों ओर से घेरकर पहरा दो। कहीं ऐसा न हो कि वे हमारे सामने ही गोरों के हाथों मारे जाएँ। मैं तुमसे सत्य कहता हूँ कि शांतनुपुत्र भीष्म एक महान योद्धा हैं।' 60-61 1/2   |   mahabharat अध्याय 6.48: श्वेतका महाभयंकर पराक्रम और भीष्मके द्वारा उसका वध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 48: श्वेतका महाभयंकर पराक्रम और भीष्मके द्वारा उसका वध  »  श्लोक 60-62h
 
 
श्लोक  6.48.60-62h 
ततो दुर्योधन: क्रोधात् स्वमनीकमनोदयत्॥ ६०॥
यत्ता भीष्मं परीप्सध्वं रक्षमाणा: समन्तत:।
मा न: प्रपश्यमानानां श्वेतान्मृत्युमवाप्स्यति॥ ६१॥
भीष्म: शान्तनव: शूरस्तथा सत्यं ब्रवीमि व:।
 
 
अनुवाद
तब दुर्योधन ने क्रोधित होकर अपनी सेना को आदेश दिया- 'वीरों! सावधान रहो और भीष्म को चारों ओर से घेरकर पहरा दो। कहीं ऐसा न हो कि वे हमारे सामने ही गोरों के हाथों मारे जाएँ। मैं तुमसे सत्य कहता हूँ कि शांतनुपुत्र भीष्म एक महान योद्धा हैं।' 60-61 1/2
 
Then Duryodhan angrily ordered his army- 'Heroes! Be cautious and stand guard surrounding Bhishma from all sides. It may happen that he is killed by the whites in front of us. I am telling you the truth that Shantanu's son Bhishma is a great warrior.' 60-61 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)