Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.48.56-57h: तत्पश्चात्, मुस्कुराते हुए और अपने मुख के कोनों को चाटते हुए, उन्होंने नौ बाण चलाकर भीष्म के धनुष को दस टुकड़ों में तोड़ डाला।   |   mahabharat अध्याय 6.48: श्वेतका महाभयंकर पराक्रम और भीष्मके द्वारा उसका वध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 48: श्वेतका महाभयंकर पराक्रम और भीष्मके द्वारा उसका वध  »  श्लोक 56-57h
 
 
श्लोक  6.48.56-57h 
सम्प्रहस्य तत: श्वेत: सृक्किणी परिसंलिहन्॥ ५६॥
धनुश्चिच्छेद भीष्मस्य नवभिर्दशधा शरै:।
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात्, मुस्कुराते हुए और अपने मुख के कोनों को चाटते हुए, उन्होंने नौ बाण चलाकर भीष्म के धनुष को दस टुकड़ों में तोड़ डाला।
 
Thereafter, smiling and licking the corners of his mouth, He shot nine arrows and broke Bhishma's bow into ten pieces. 56 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)