श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 48: श्वेतका महाभयंकर पराक्रम और भीष्मके द्वारा उसका वध  »  श्लोक 25-26h
 
 
श्लोक  6.48.25-26h 
एवं च समरे सर्वे वीराश्च विरथीकृता:॥ २५॥
तेन तेन स्म दृश्यन्ते धावमाना: समन्तत:।
 
 
अनुवाद
इस प्रकार उस रणभूमि में रथहीन समस्त योद्धा भिन्न-भिन्न मार्गों से सब दिशाओं में भागते हुए दिखाई देने लगे।
 
In this manner all the warriors, chariotless in that battle-field, were seen running in all directions through different routes. 25 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)